पुष्पा पटेल
पुष्पा पटेल — बेटी पढ़ेगी तो बेटी बढ़ेगी, रीवा
रीवा जिले की पुष्पा पटेल 14 साल में स्कूल छोड़ने वाली थीं — शादी तय हो चुकी थी। PSEF की हस्तक्षेप और छात्रवृत्ति ने उन्हें 12वीं में टॉप करवाया। आज वे B.Ed कर रही हैं।
वो दिन जब किताबें बंद होने वाली थीं
पुष्पा पटेल (अब 20 वर्ष) रीवा जिले के मऊगंज ब्लॉक की रहने वाली हैं। 2020 में जब वे 8वीं कक्षा में थीं — घर में फैसला हुआ। शादी तय हो गई। लड़का देहली गाँव का था। दहेज तय हो गया।
"मैंने माँ से कहा — मुझे पढ़ना है। माँ बोलीं — 'बेटा, हमारी औकात नहीं।'"
PSEF की टीम का पहुँचना
PSEF की बालिका शिक्षा कार्यकर्ता सरिता दीदी गाँव के नियमित सर्वेक्षण में मऊगंज आई थीं। किसी ने पुष्पा के बारे में बताया।
सरिता दीदी ने माता-पिता से बात की — तीन बार। पिता मानने को तैयार नहीं थे।
PSEF ने समझाया:
- लाडली बहना योजना और कन्या शिक्षा प्रोत्साहन से ₹1,500/माह छात्रवृत्ति
- 12वीं के बाद सरकारी नौकरी की संभावनाएँ
- बाल विवाह के कानूनी परिणाम — माता-पिता को सौम्यता से समझाया
चौथी बातचीत में पिता मान गए।
पुष्पा की पढ़ाई — PSEF का साथ
| वर्ष | उपलब्धि | |------|---------| | 2020 | 8वीं कक्षा — PSEF से जुड़ाव, छात्रवृत्ति शुरू | | 2021 | 9वीं — 82% अंक | | 2022 | 10वीं — 87% (जिले में 12वीं रैंक) | | 2023 | 11वीं — विज्ञान संकाय | | 2024 | 12वीं — 91% अंक (जिला टॉपर) | | 2025 | B.Ed प्रवेश — सरकारी कॉलेज, रीवा |
PSEF की सहायता:
- ₹1,500/माह छात्रवृत्ति — 5 साल तक
- PSEF पुस्तकालय से किताबें
- बोर्ड परीक्षा से पहले विशेष कोचिंग
- काउंसेलिंग — पुष्पा और परिवार दोनों के लिए
पुष्पा की बात
"अगर PSEF न आती, तो मैं आज किसी के घर की बहू होती। शायद माँ भी बन चुकी होती। लेकिन आज मैं टीचर बनने जा रही हूँ। जिस दिन पहली बार अपने स्कूल में पढ़ाऊँगी — उस दिन सरिता दीदी को जरूर बताऊँगी।"
माँ की बात
"हम गलत सोचते थे। हमें लगता था पढ़ाई से क्या होगा। आज पुष्पा हम सबकी इज्जत है।"
PSEF बालिका शिक्षा — रीवा जिले में
- 420 लड़कियाँ छात्रवृत्ति प्राप्त
- 28 बाल विवाह रोके गए (2020-2025)
- 12वीं पास दर 67% → 89%
- 15 लड़कियाँ उच्च शिक्षा में
बेटी की शिक्षा का साथ दें:
📱 WhatsApp: +91-8969886176 🌐 PSEF शिक्षा कार्यक्रम